







मुक़दमेबाज़ी के वकील जेफ़रसन फ़िशर कहते हैं कि ज़्यादातर झगड़े सामने वाले को बहस में हराकर नहीं, बल्कि अपनी प्रतिक्रियाओं पर काबू रखकर और शांत रहकर सुलझते हैं। यह हुनर उन्होंने अदालत की तनाव भरी बातचीत में निखारा।
किताब तुरंत अपनाने लायक तरीक़े देती है: प्रतिक्रिया से पहले रुकना, शब्दों में साफ़ सीमाएँ तय करना, और बहस को ऐसे मोड़ना कि वह झगड़े में न बदले।
मुख्य बात यह है कि बातचीत में असली "जीत" का मतलब है समझा जाना और रिश्ते को सलामत रखना, न कि दूसरे को ग़लत साबित करना।